Science of Yoga is the best gift for humanity from this land.  Learn it in its original language.

‘Learn Samskrit – The Language of Yoga’ is an “Advanced Diploma Course”, which facilitates study of Patanjali’s ‘Yogasutra’ in its original language; Samskritam.

Total duration of course is 2 years.

  • First year – Introductory Samskrit through communicative approach in 1st & 2nd  level and Grammar in 3rd level (examples are provided from various texts of Yoga)

  • Second Year -  “Yogasutra” (all  196 sutras are dealt comprehensively with prose order, Grammatical analysis of  each word, meaning etc., )

  • Self-evaluation questions at the end of each lesson.

Eligibility criteria

Candidate should know the devanagari lipi and should have passed Higher Secondary level or equivalent examination or age above 18 years .

Fees:  

The fees for each level is Rs 500/- Rupees Five Hundred Only

 
‘योगस्य  भाषा – संस्कृतं पठ्यताम्’  नामक इस उच्च प्रमाणपत्रीय पाठ्यक्रम  का मूल उद्देश्य योग शास्त्र  के उन सभी अध्येताओं को संस्कृत भाषा से इस भांति परिचित कराना है कि वे अन्ततः योग के महऋषि पतञ्जलि द्वारा विरचित ‘योगसूत्र ’  ग्रन्थ को इसकी मूल भाषा ‘संस्कृत’ के माध्यम से स्वयं पढ़ने योग्य हो सकें।

इस पाठ्यक्रम की कुल अवधि अधिकतम दो वर्ष है :

  • संस्कृत सम्भाषण (प्रथम एवं द्वितीय पुस्तक की सामग्री सम्भाषणात्मकं संस्कृतम् द्वारा ) तथा व्याकरण अभ्यास हेतु तृतीय पुस्तक (योगशास्त्र ग्रन्थों के विभिन्न मूल उदाहरणों के माध्यम से) कुल अवधि एक  वर्ष है।

  • चतुर्थ पुस्तक के रूप में ‘योगसूत्र ’  ग्रन्थ के १९६ सूत्रों का पदच्छेद, प्रत्येकपद का व्याकरण की दृष्टि से विश्लेषण, अन्वय एवञ्च प्रत्येक सूत्र का अध्ययन हेतु एक वर्ष  है।

  • निर्माणात्मक मूल्याङ्कन-पत्र  (Formative Assessment) के द्वारा स्वयं की प्रगति का आकलन।

अर्हता      

प्रस्तुत पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु न्यूनतम अर्हता द्वादशी  अथवा तुल्य कक्षा है अथवा आयु १८ से ऊपर। देवनागरी लिपि का ज्ञान भी अपेक्षित है।

शुल्क

प्रति पाठ्यक्रम मात्र ५००/= रुपये।



courseimage

‘Learn Samskrit – The Language of Yoga’ is an “Advanced Diploma Course”, which facilitates study of Patanjali’s ‘Yogasutra’ in its original language; Samskritam.

Total duration of course is 2 years.

  • First year – Introductory Samskrit through communicative approach in 1st & 2nd  level and Grammar in 3rd level (examples are provided from various texts of Yoga)

  • Second Year -  “Yogasutra” (all  196 sutras are dealt comprehensively with prose order, Grammatical analysis of  each word, meaning etc., )

  • Self-evaluation questions at the end of each lesson.

Eligibility criteria

Candidate should know the devanagari lipi and should have passed Higher Secondary level or equivalent examination or age above 18 years .

Fees:  

The fees for each level is Rs 500/- Rupees Five Hundred Only.


‘योगस्य  भाषा – संस्कृतं पठ्यताम्’  नामक इस उच्च प्रमाणपत्रीय पाठ्यक्रम  का मूल उद्देश्य योग शास्त्र  के उन सभी अध्येताओं को संस्कृत भाषा से इस भांति परिचित कराना है कि वे अन्ततः योग के महऋषि पतञ्जलि द्वारा विरचित ‘योगसूत्र ’  ग्रन्थ को इसकी मूल भाषा ‘संस्कृत’ के माध्यम से स्वयं पढ़ने योग्य हो सकें।

इस पाठ्यक्रम की कुल अवधि अधिकतम दो वर्ष है :

  • संस्कृत सम्भाषण (प्रथम एवं द्वितीय पुस्तक की सामग्री सम्भाषणात्मकं संस्कृतम् द्वारा ) तथा व्याकरण अभ्यास हेतु तृतीय पुस्तक (योगशास्त्र ग्रन्थों के विभिन्न मूल उदाहरणों के माध्यम से) कुल अवधि एक  वर्ष है।

  • चतुर्थ पुस्तक के रूप में ‘योगसूत्र ’  ग्रन्थ के १९६ सूत्रों का पदच्छेद, प्रत्येकपद का व्याकरण की दृष्टि से विश्लेषण, अन्वय एवञ्च प्रत्येक सूत्र का अध्ययन हेतु एक वर्ष  है।

  • निर्माणात्मक मूल्याङ्कन-पत्र  (Formative Assessment) के द्वारा स्वयं की प्रगति का आकलन।

अर्हता      

प्रस्तुत पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु न्यूनतम अर्हता द्वादशी  अथवा तुल्य कक्षा है अथवा आयु १८ से ऊपर। देवनागरी लिपि का ज्ञान भी अपेक्षित है।

शुल्क

प्रति पाठ्यक्रम मात्र ५००/= रुपये।

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‘Learn Samskrit – The Language of Yoga’ is an “Advanced Diploma Course”, which facilitates study of Patanjali’s ‘Yogasutra’ in its original language; Samskritam.

Total duration of course is 2 years.

  • First year – Introductory Samskrit through communicative approach in 1st & 2nd  level and Grammar in 3rd level (examples are provided from various texts of Yoga)

  • Second Year -  “Yogasutra” (all  196 sutras are dealt comprehensively with prose order, Grammatical analysis of  each word, meaning etc., )

  • Self-evaluation questions at the end of each lesson.

Eligibility criteria

Candidate should know the devanagari lipi and should have passed Higher Secondary level or equivalent examination or age above 18 years .

Fees:  

The fees for each level is Rs 500/- Rupees Five Hundred Only.


‘योगस्य  भाषा – संस्कृतं पठ्यताम्’  नामक इस उच्च प्रमाणपत्रीय पाठ्यक्रम  का मूल उद्देश्य योग शास्त्र  के उन सभी अध्येताओं को संस्कृत भाषा से इस भांति परिचित कराना है कि वे अन्ततः योग के महऋषि पतञ्जलि द्वारा विरचित ‘योगसूत्र ’  ग्रन्थ को इसकी मूल भाषा ‘संस्कृत’ के माध्यम से स्वयं पढ़ने योग्य हो सकें।

इस पाठ्यक्रम की कुल अवधि अधिकतम दो वर्ष है :

  • संस्कृत सम्भाषण (प्रथम एवं द्वितीय पुस्तक की सामग्री सम्भाषणात्मकं संस्कृतम् द्वारा ) तथा व्याकरण अभ्यास हेतु तृतीय पुस्तक (योगशास्त्र ग्रन्थों के विभिन्न मूल उदाहरणों के माध्यम से) कुल अवधि एक  वर्ष है।

  • चतुर्थ पुस्तक के रूप में ‘योगसूत्र ’  ग्रन्थ के १९६ सूत्रों का पदच्छेद, प्रत्येकपद का व्याकरण की दृष्टि से विश्लेषण, अन्वय एवञ्च प्रत्येक सूत्र का अध्ययन हेतु एक वर्ष  है।

  • निर्माणात्मक मूल्याङ्कन-पत्र  (Formative Assessment) के द्वारा स्वयं की प्रगति का आकलन।

अर्हता      

प्रस्तुत पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु न्यूनतम अर्हता द्वादशी  अथवा तुल्य कक्षा है अथवा आयु १८ से ऊपर। देवनागरी लिपि का ज्ञान भी अपेक्षित है।

शुल्क

प्रति पाठ्यक्रम मात्र ५००/= रुपये।


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‘Learn Samskrit – The Language of Yoga’ is an “Advanced Diploma Course”, which facilitates study of Patanjali’s ‘Yogasutra’ in its original language; Samskritam.

Total duration of course is 2 years.

  • First year – Introductory Samskrit through communicative approach in 1st & 2nd  level and Grammar in 3rd level (examples are provided from various texts of Yoga)

  • Second Year -  “Yogasutra” (all  196 sutras are dealt comprehensively with prose order, Grammatical analysis of  each word, meaning etc., )

  • Self-evaluation questions at the end of each lesson.

Eligibility criteria

Candidate should know the devanagari lipi and should have passed Higher Secondary level or equivalent examination or age above 18 years .

Fees:  

The fees for each level is Rs 500/- Rupees Five Hundred Only.


‘योगस्य  भाषा – संस्कृतं पठ्यताम्’  नामक इस उच्च प्रमाणपत्रीय पाठ्यक्रम  का मूल उद्देश्य योग शास्त्र  के उन सभी अध्येताओं को संस्कृत भाषा से इस भांति परिचित कराना है कि वे अन्ततः योग के महऋषि पतञ्जलि द्वारा विरचित ‘योगसूत्र ’  ग्रन्थ को इसकी मूल भाषा ‘संस्कृत’ के माध्यम से स्वयं पढ़ने योग्य हो सकें।

इस पाठ्यक्रम की कुल अवधि अधिकतम दो वर्ष है :

  • संस्कृत सम्भाषण (प्रथम एवं द्वितीय पुस्तक की सामग्री सम्भाषणात्मकं संस्कृतम् द्वारा ) तथा व्याकरण अभ्यास हेतु तृतीय पुस्तक (योगशास्त्र ग्रन्थों के विभिन्न मूल उदाहरणों के माध्यम से) कुल अवधि एक  वर्ष है।

  • चतुर्थ पुस्तक के रूप में ‘योगसूत्र ’  ग्रन्थ के १९६ सूत्रों का पदच्छेद, प्रत्येकपद का व्याकरण की दृष्टि से विश्लेषण, अन्वय एवञ्च प्रत्येक सूत्र का अध्ययन हेतु एक वर्ष  है।

  • निर्माणात्मक मूल्याङ्कन-पत्र  (Formative Assessment) के द्वारा स्वयं की प्रगति का आकलन।

अर्हता      

प्रस्तुत पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु न्यूनतम अर्हता द्वादशी  अथवा तुल्य कक्षा है अथवा आयु १८ से ऊपर। देवनागरी लिपि का ज्ञान भी अपेक्षित है।

शुल्क

प्रति पाठ्यक्रम मात्र ५००/= रुपये।


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